hrday rog kee rokathaam


हृदय रोग मौत का एक प्रमुख कारण हो सकता है। भविष्य में हृदय की समस्याओं से बचने के लिए हमें आज एक स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिये। यहां पांच हृदय रोग निवारण-युक्तियाँ दी गई हैं जिनका पालन हम अपने दैनिक जीवन में कर सकते हैं।

धूम्रपान न करें या तम्बाकू का उपयोग न करें

धूम्रपान या तंबाकू का उपयोग हृदय रोग के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में से एक है। तम्बाकू में मौजूद रसायन अपने दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा कर, धमनियों को संकरा (एथेरोस्लेरोसिस) बना सकते हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस अंततः एक दिल का दौरा उत्पन्न कर सकती है। जब हृदय रोग की रोकथाम का सवाल सामने आता है, तो थोड़ा भी धूम्रपान सुरक्षित नहीं होता। बिना धुंए वाला तंबाकू,बिना - टार और बिना -निकोटीन वाली सिगरेटें भी जोखिम भरी हैं, ठीक वैसे ही जैसे दूसरे के धूम्रपान करने से उत्पन्न धुंए का सेवन भी खतरनाक है।
इसके अतिरिक्त, सिगरेट के धुएं का निकोटीन हृदय की रक्त वाहिकाओं को संकरा बना कर,और हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ा कर हृदय के काम को कठिन बनाता है। सिगरेट के धुएं की कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त में मौजूद ऑक्सीजन की कुछ मात्रा को विस्थापित कर देती है। इससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अधिक काम करने के लिये मजबूर करने से रक्तचाप बढ़ जाता है। यहां तक ​​कि तथाकथित "सामाजिक धूम्रपान - केवल दोस्तों के साथ बार या रेस्तरां में रहने पर किया गया धूम्रपान - भी खतरनाक है और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है। जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं और गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं उन्हें दिल का दौरा या लकवा होने का खतरा ऐसा न करने वालों की बनिस्बत अधिक होता है। उम्र के साथ यह जोखिम, विशेषकर 35 से अधिक उम्र की महिलाओं में, बढ़ जाता है।
जब आप धूम्रपान छोड़ते हैं, तो आपका हृदय रोग का जोखिम सिर्फ एक साल के भीतर नाटकीय ढंग से कम हो जाता है। आपने चाहे जितने समय या चाहे जितनी मात्रा में क्यों न धूम्रपान किया हो, आपके धूम्रपान छोड़ते ही आपको इसका लाभ मिलने लगेगा।

सप्ताह के अधिकांश दिनों में 30 मिनट के लिए व्यायाम करें

कुछ नियमित, दैनिक व्यायाम घातक हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। और जब एक स्वस्थ वजन को बनाए रखने के लिये आप शारीरिक गतिविधि को अन्य जीवन शैली के उपायों के साथ संयोजित करते हैं तो और अधिक लाभ मिलते हैं।
शारीरिक गतिविधि वजन के नियंत्रण में मदद करती है और ऐसी अन्य बीमारियों के उत्पन्न होने की संभावनाओं को कम करती है जो हृदय पर जोर डाल सकती हैं, जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह। यह मानसिक तनाव को भी घटाती है, जो हृदय रोग में एक कारक हो सकता है।
मध्यम गहन शारीरिक गतिविधि वाली कम से कम 30 से 60 मिनट तक गतिविधि सप्ताह के अधिकांश दिनों में करने की कोशिश करें। हालांकि, व्यायाम की छोटी सी मात्रा भी दिल के लिये लाभदायक होती है।

दिल के लिये स्वस्थ आहार खाएँ

उच्च रक्तचाप को रोकने के लिये आहार के प्रयास नामक एक विशेष आहार योजना (डैश) के अनुसार एक विशेष आहार का सेवन आपके दिल की रक्षा करने में मदद कर सकता है। डैश आहार पर अमल करने का अर्थ है कम वसा, कोलेस्ट्रॉल और नमक वाले खाद्य पदार्थों को खाना। यह आहार प्रोटीन, सब्जियों, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों में प्रचुर मात्रा में होता है, जो हृदय की रक्षा में सहायता कर सकते हैं। सेम, प्रोटीन के कम वसा-युक्त अन्य स्रोत और कुछ प्रकार की मछलियां भी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकती हैं।
कुछ प्रकार की वसा को सीमित रखना महत्वपूर्ण है। वसा के विभिन्न प्रकारों (संतृप्त, बहुअसंतृप्त, एकलअसंतृप्त वसा और ट्रांस वसा) में से संतृप्त वसा और ट्रांस वसा रक्त के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकर कोरोनरी धमनी रोग के जोखिम को बढ़ाते हैं।
संतृप्त वसा के प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं:
  • लाल मांस
  • डेयरी उत्पाद
  • नारियल और ताड़ के तेल
ट्रांस वसा के स्रोतों में शामिल हैं:
  • गहरे तले हुए फास्ट फूड
  • बेकरी उत्पाद
  • पैक किये हुए नाश्ता खाद्य पदार्थ
  • मार्जरीन
  • क्रैकर
ट्रांस वसा से बचने के लिये उत्पाद के लेबल पर "आंशिक रूप से हाइड्रोजनित" वाक्य देखें।
पांच से 10 सर्विंग्स प्रतिदिन के लक्ष्य के साथ -अधिकांश लोगों को अपने आहार में अधिक फल और सब्जियों को जोड़ने की जरूरत है। बहुत सारे फलों और सब्जियों का सेवन न केवल हृदय रोग को रोकने में, बल्कि कैंसर को रोकने में भी मदद कर सकता है।
ओमेगा -3 वसा अम्ल, बहुअसंतृप्त वसा का एक प्रकार, आपके हृदय के दौरे के जोखिम को कम कर सकता है, और अनियमित दिल की धड़कनों से रक्षा और रक्तचाप को कम कर सकता है। कुछ मछलियां जैसे साल्मन और मैकरेल ओमेगा-3एस के अच्छे प्राकृतिक स्रोत हैं। ओमेगा-3एस फ्लैक्स सीड तेल, अखरोट के तेल, सोयाबीन तेल और कैनोला तेल में छोटी मात्रा में मौजूद होते हैं, और वे पूरक पदार्थों में भी पाए जा सकते हैं।
दिल के लिये स्वस्थ आहार के पालन का अर्थ केवल थोड़ी मात्रा में ही शराब पीना है - पुरुषों के लिए प्रतिदिन दो पेयों से अधिक नहीं और महिलाओं के लिए प्रतिदिन एक पेय। मध्यम मात्रा में लेने पर, शराब आपके दिल पर एक रक्षात्मक प्रभाव डाल सकती है। इससे अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाता है।

स्वस्थ वजन बनाए रखें

वयस्क जीवन में वजन के बढ़ने पर, वजन ज्यादातर मांसपेशी की बजाय वसा के कारण बढ़ता है। यह अतिरिक्त वजन ऐसी स्थितियों को जन्म दे सकता है, जो हृदय रोग की संभावनाओं को बढ़ाता है – जैसे, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह।
यह जानने का कि आपका वजन स्वस्थ है या नहीं, एक तरीका आपके शरीर पिंड सूचकांक (बीएमआई) की गणना करना है, जिसमें ऊंचाई और वजन की मदद से यह निश्चित किया जाता है कि शरीर में चर्बी का प्रतिशत स्वस्थ या अस्वस्थ है। बीएमआई की संख्या 25 या उससे अधिक होने का संबंध उच्च रक्त वसाओं, उच्च रक्तचाप, और हृदय रोग व दिमागी लकवे के बढ़े हुए जोखिम से होता है।
बीएमआई एक अच्छा,लेकिन अपूर्ण मार्गदर्शक है। उदाहरण के लिए, मांसपेशी का वजन वसा से अधिक होता है, और अधिक मांसल और शारीरिक रूप से चुस्त महिलाओं और पुरुषों के बीएमआई अतिरिक्त स्वास्थ्य जोखिमों के बिना भी उच्च हो सकते हैं। इस कारण से, कमर परिधि भी यह मापने के लिए, कि पेट में कितनी चर्बी है, एक उपयोगी साधन है:
  • पुरुषों को अधिक वजन वाला माना जाता है, अगर उनकी कमर का माप 40 इंच (101.6 सेंटीमीटर, या सेमी) से अधिक हो।
  • महिलाओं को अधिक वजन का माना जाता है, अगर उनकी कमर की माप 35 इंच (88.9 सेमी) से अधिक हो।
वजन में एक छोटी सी कमी भी फायदेमंद हो सकती है। वजन में सिर्फ 10 प्रतिशत की कमी आपके रक्तचाप, रक्त के कोलेस्ट्रॉल के स्तर,और मधुमेह के खतरे को कम कर सकती है।

नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाएं

उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन उनके लिए परीक्षण किए बिना, शायद आपको पता नहीं चलेगा कि आप इन बीमारियों से ग्रस्त हैं। नियमित जांच आपको बता सकती है कि आपके अंक कितने हैं और आपको कार्रवाई करने की जरूरत है या नहीं।
  • रक्त चाप:नियमित रक्तचाप जांच बचपन में शुरू की जाती हैं। वयस्कों को उनके रक्तचाप की जांच कम से कम हर दो साल में एक बार करवानी चाहिये। अगर आपके अंक आदर्श नहीं हैं या यदि हृदय रोग के लिए अन्य जोखिम वाले कारक हों तो आपको अधिक बार जांच करवाने की जरूरत पड़ सकती है। सामान्य रक्तचाप 120/80 मर्क्यूरी मिलीमीटर से कम होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर: वयस्कों को 20 वर्ष की उम्र के बाद हर पाँच वर्ष में कम से कम एक बार अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिये। अगर आपके अंक आदर्श नहीं हैं या यदि हृदय रोग के लिए अन्य जोखिम कारक हों तो आपको अधिक बार जांच करवाने की जरूरत पड़ सकती है। कुछ बच्चों को उनके रक्त के कोलेस्ट्रॉल का परीक्षण करवाना पड़ सकता है यदि उनके परिवार में हृदय रोग का विशेष इतिहास है।
  • मधुमेह के लिए जांच:चूंकि मधुमेह हृदय रोग के विकास के लिए एक जोखिम वाला कारक है, इसलिए मधुमेह की जांच पर विचार किया जा सकता है। अपने डाक्टर से इस बारे में बात करें कि आपको मधुमेह की जांच के लिए उपवास में रक्त शर्करा परीक्षण कब करवाना चाहिए। अधिक वजन या मधुमेह के पारिवारिक इतिहास जैसे जोखिम कारकों के अनुसार, डॉक्टर 30 से 45 की उम्र के बीच मधुमेह के लिए पहली जांच की सिफारिश कर सकता है, और फिर हर तीन से पांच साल पर पुन: परीक्षण की सलाह दे सकता है।

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